वर्षों के कालक्रम में देश में धीरे - धीरे राष्ट्रवाद ( जिसे गरमपंथ भी कहते हैं ) का विकास होता आ रहा था । यह 1905 के बंगाल - विभाजन - विरोधी आंदोलन में अभिव्यक्त हुआ । अपने आरंभिक काल में भारतीय…
Read moreराष्ट्रीय आंदोलन का तीसरा और अंतिम चरण 1919 में शुरू हुआ जब विशाल जन आंदोलन का युग आरंभ हुआ । इस काल में भारतीय जनता ने संभवतः विश्व इतिहास के सबसे बड़े जन - संघर्ष लड़े और भारत की राष्ट्रीय क्र…
Read moreनई शक्तियों का अविर्भाव वर्ष 1927 में राष्ट्रीय आंदोलन में फिर से शक्ति पाने के अनेक संकेत देखे गए। इसी वर्ष समाजवाद की नई प्रवृति का भी उदय हुआ मार्क्सवाद और दूसरे समाजवादी विचार बहुत तेजी से …
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